Nida fazli ( निदा फ़ाज़ली) Ghazal Collection




जन्म
12 अक्तूबर 1938 

निधन
08 फ़रवरी 2016 

जन्म स्थान
दिल्ली, भारत

About

निदा साहब भारत के महानतम शायरों में से एक हैं।
दिल्ली में पिता मुर्तुज़ा हसन और माँ जमील फ़ातिमा के घर माँ की इच्छा के विपरीत तीसरी संतान नें जन्म लिया जिसका नाम बड़े भाई के नाम के क़ाफ़िये से मिला कर मुक़्तदा हसन रखा गया। दिल्ली कॉर्पोरेशन के रिकॉर्ड में इनके जन्म की तारीख १२ अक्टूबर १९३८ (12 Oct 1938) लिखवा दी गई। पिता स्वयं भी शायर थे। इन्होने अपना बाल्यकाल ग्वालियर में गुजारा जहाँ पर उनकी शिक्षा हुई। उन्होंने १९५८ में ग्वालियर कॉलेज (विक्टोरिया कॉलेज या लक्ष्मीबाई कॉलेज) से स्नातकोत्तर पढ़ाई पूरी करी।
वो छोटी उम्र से ही लिखने लगे थे। निदा फ़ाज़ली इनका लेखन का नाम है। 
उनकी सरल और प्रभावकारी लेखनशैली ने शीघ्र ही उन्हें सम्मान और लोकप्रियता दिलाई। उर्दू कविता का उनका पहला संग्रह १९६९ में छपा।इन्होने कई हिन्दी फिल्मों के लिये गाने लिखे।
निदा फ़ाज़ली जी की विचारधारा का अंदाज़ा महज़ इस बात से लगाया जा सकता है कि
एक बार जब वह पाकिस्तान गए तो एक मुशायरे के बाद कट्टरपंथी मुल्लाओं ने उनका घेराव कर लिया और उनके लिखे शेर -
घर से मस्जिद है बड़ी दूर, चलो ये कर लें। -
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए॥ -
पर अपना विरोध प्रकट करते हुए उनसे पूछा कि क्या निदा किसी बच्चे को अल्लाह से बड़ा समझते हैं? निदा ने उत्तर दिया कि मैं केवल इतना जानता हूँ कि मस्जिद इंसान के हाथ बनाते हैं जबकि बच्चे को अल्लाह अपने हाथों से बनाता है।


कुछ प्रमुख ग़ज़लें


1 - कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता / Kabhi kisi ko mukammal jahaan nahi Milta 


2 - बेसन की सोंधी रोटी पर,खट्टी चटनी जैसी माँ / Besan ki sondhi Roti par Khatti chatni jaisi maa


3 - गरज बरस प्यासी धरती पर फिर पानी दे मौला / Garaj Baras pyaasi dharati ko paani de maula


4 - मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन / Munh ki baat sune har koi dil ke dard na jaane kaun


5 - दिल में ना हो ज़ुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती / Dil me naa ho jurrat to muhabbat nahin milti


6 - अब खुशी है न कोई ग़म रुलाने वाला / Ab Khushi hai na koi gam.rulaane vala 


7 - अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जाये / Apna Gam leke kahin aur na jaaya jaaye


8 - बदला न अपने आप को जो थे वही रहे / Badla na apne aap ko jo the vahi rahe 


9- धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो / Dhoop me nikalo ghataao se nahaakr dekho


10- दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है / Duniya jise kehte hain jaadu ka khilauna hai


11- बात कम कीजे ज़ेहानत को छुपाए रहिए / Baat kam kije jehanaat ko chhupaye rahiye 


12- हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा / Har khati khud se Ulajhna hai mukaddar mera


13-होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ है / Hosh valo ko khabar kya bekhudi kya cheez hai


14- सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो / Safar me dhoop to hogi jo chal sako to chalo










Nida fazli

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