अमीर खुसरो दोहे

Nazm shayari आपके साथ साँझा करना चाहता है अमीर खुसरो के कुछ प्रसिद्ध दोहे...।

1-         खुसरो रैन सुहाग की, जागी पी के संग। 
             तन मेरो मन पियो को, दोउ भए एक रंग।। 

दोहे


 2-          खुसरो बाजी प्रेम की मैं खेलूँ पी के संग।
              जीत गयी तो पिया मोरे हारी पी के संग।।
दोहे

3-            खुसरो पाती प्रेम की बिरला बाँचे कोय।
               वेद, कुरान, पोथी पढ़े, प्रेम बिना का होय।।

दोहे

 4-         अपनी छवि बनाई के मैं तो पी के पास गई।
             जब छवि देखी पीहू की सो अपनी भूल गई।।
दोहे

5-           अंगना तो परबत भयो, देहरी भई विदेस।
               जा बाबुल घर आपने, मैं चली पिया के देस।।
दोहे

6-       नदी किनारे मैं खड़ी सो पानी झिलमिल होय।
           पी गोरी मैं साँवरी अब किस विध मिलना होय।।

दोहे

7-      साजन ये मत जानियो तोहे बिछड़त मोहे को चैन।
         दिया जलत है रात में और जिया जलत बिन रैन।।


दोहे


 8-          खुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वा की धार। 
              जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।। 


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