Jaun Elia Ghazal collection

               Jaun Elia Ghazal Collection





जॉन एलिया साहब की कुछ चुनिंदा ग़ज़लें,




1- उम्र गुज़रेगी इम्तेहान में क्या /umar guzaregi imtehaan me kya

2 - तू भी चुप है मैं भी चुप हूँ / Tu bhi chup hai mai bhi chup hoon 

3 - हम कहाँ और तुम कहाँ जानां / Hum kaha aur tum kaha jaana  

4- कभी-कभी तो बहुत याद आने लगते हो / kabhi kabhi bahut yaad aane lagte ho 

5 - दिल जो दीवाना नहीं / dil jo Diwana nahi 

6 - धरम की बाँसुरी से राग निकले / dharam ki bansuri se raag nikle 

7 - मैं जो हूँ, ‘जॉन एलिया’ हूँ जनाब / mai jo hoon jaun Elia hoon janaab 

8 - मुझे अब तुम से डर लगने लगा है /mujhe ab tumse darne laga hai 

9 - काम की बात मैंने की ही नहीं / Kaam ki baat maine ki hi nahi 

10 - नयी ख़्वाहिश रचाई जा रही है / Nayi khwaahish rachaayi ja rahi hai 

11 - सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं / Saari Duniya ke gam humare hain 

12 - हम तिरी दास्तां के थे ही नहीं / hum teri daastan ke the hi nahi 









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